भाग्य एक लड़की की कहानी

                           भाग्य एक लड़की की कहानी 

यह कहानी आपको साहस एवं सफलता प्रदान करेगी। यह कहानी भाग्य के ऊपर हैं। 💗💓💙💜


एक प्रदेश का राजा था। उसकी छ: बेटियां थी। सभी बेटिया बहुत ही सुन्दर थी। एक दिन राजा ने अपनी सभी बेटियों को बुलाया और उनसे कहा कि बेटियों किसके भाग का खाती हो। पाँच बेटियों ने कहा पिताजी हम आप ही का खाती और हम आप का दिया पहनती है। लेकिन जो सबसे छोटी लड़की थी उसने कहा पिताजी मै भगवान का दिया पहनती हूँ और भगवान का दिया ही खाती हूँ। उस लड़की को भगवान पर भरोसा था। उसकी यह बात सुनकर राजा बहुत गुस्सा आया और उसने कहा अच्छा तु भगवान का दिया पहनती है और भगवान का दिया खाती हैं तो ठीक है आज से मैं तुझे महल में नहीं रखूंगा। राजा ने मंत्री को आदेश दिया कि इसे पुराने वस्त्र देकर जंगल में छोड़ आयो। हम देखते है कि यह कैसे रहती है और राजा ने अपनी राजकुमारी को जंगल में छुड़वा दिया।💓💓

 जंगल में वह राजकुमारी तीन दिन तक भूखी प्यासी घूमती रही। तीन दिन के बाद उसे जंगल में एक झोपड़ी दिखी। जिसमे एक बूढ़ा व्यक्ति रहता था।  जब वह लड़की उसके पास गयी और कहा बाबा आप यहाँ अकेले रहते हो। बूढ़ा व्यक्ति बोला ,"हां बेटी "। लड़की ने कहा ,"बाबा क्या मैं यहाँ रह सकती हूँ। बूढ़ा व्यक्ति बोला ," हां बेटी  जरूर रह सकती हो।  जंगल में बूढ़ा व्यक्ति ओर लड़की रहने लगे। एक दिन लड़की जंगल में से लकड़ी लेने गयी। उसे जंगल में एक घायल सांप दिखा तो  लड़की ने उसकी जान बचायी जिसके बदले में सांप  ने उसे तीन हीरे दिए।  लड़की ने बाबा से कहा ,"आप इन दो हीरो को बाजार में बेच आओ।  बूढ़ा व्यक्ति उन दो हीरो को बाजार में बेचकर वापस जंगल में आ जाता हैं  और बाजार से इतना सारा धन लेकर आया जिससे उस झोपड़ी की जगह एक बहुत ही सुन्दर आलीशान महल  बना दिया। अब वह उस महल की रानी थी। एक हीरा रानी अपने गले में पहनकर रहती थी। एक दिन उसने  प्रदेश के सभी राजाओ को खाने पर अमिन्त्रित किया  और सभी प्रदेश के राजा वहाँ आये। उस रानी के पिता भी वहाँ आये। जब वह रानी महफ़िल में आयी। उस रानी की जो बहन थी जो अपने पिता के साथ उस महल में आयी थी। उन्होंने अपने पिता से कहा,"  पिता जी हमे तो ये रानी अपनी बहन लग रही हैं "। उसके पिता जी ने कहा ," नहीं ये तुम्हारी बहन नहीं है "।  उस रानी का पिता अपनी बेटी को नहीं पहचान पाया। रानी के पिता जी ने रानी को जो पुराने वस्त्र दिए थे। वह रानी अन्दर गयी और उन पुराने वस्त्रो को पहनकर आयी। उस रानी का पिता बहुत ही हैरान हुआ जब उसने देखा की यह  रानी ही मेरी बेटी है। उसने अपनी बेटी से माफी माँगी और कहा ,"हर कोई अपने -अपने भाग का खाता है " और वे अपने प्रदेश को लौट गए। 💕💕






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